Sunday, 19 February 2017

छत्तीसगढ़ राज्य विरूद्ध प्रकाश साहू


धारा 306 भारतीय दंड संहिता के आरोप को सिद्ध करने के लिये यह प्रमाणित किया जाना आवश्यक है कि अभियुक्तगण व्दारा मृतिका के साथ इस सीमा तक क्रूरता एवं प्रताड़ना की गयी कि उसके पास जान देने के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं था और ऐसी क्रूरता एवं मृत्यु के बीच अधिक अंतराल नहीं होना चाहिये।


न्यायालय- सत्र न्यायाधीश, दुर्ग, जिला-दुर्ग (छ.ग.) 
(पीठासीन न्यायाधीश- नीलम चंद सांखला) 
सत्र प्रकरण क्रमांक 72/2015 
संस्थित दिनांक 17.07.2015 
सी.आई.एस.नंबर 15000722015 
अभियोजन --------- छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से आरक्षी केन्द्र-सुपेला, जिला-दुर्ग विरूद्ध
अभियुक्तगण --------- (1) प्रकाश साहू आ. सुंदरलाल साहू, आयु-43 वर्ष, साकिन-मकान नंबर- 169, सुंदरनगर, भिलाई, थाना- सुपेला, जिला-दुर्ग (छ.ग.) (2) पूर्णानंद साहू आ. कृषलाल साहू, आयु-29 वर्ष,
साकिन-मोखला, थाना- लालबाग, जिला- राजनांदगॉंव (छ.ग.)
आरक्षी केन्द्र सुपेला, जिला-दुर्ग
अपराध क्रमांक 52/2015
अंतर्गत धारा धारा-306, धारा 304(ख) एवं 498(क) भारतीय दंड संहिता, 1860
गिरफ्तारी दिनांक 14.05.2015 एवं 20.05.2015
निर्णय दिनांक 10 फरवरी 2017
अधिनस्थ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अभियोग पत्र अभियोग पत्र प्रस्तुति दिनांक 25.06.2015 आपराधिक प्रकरण क्रमांक 4323/2015 उपार्पण आदेश दिनांक 10.07.2015
पैरवीकर्ता अधिवक्तागण : अभियोजन के लिये ............. श्री सुदर्शन महलवार, लोक अभियोजक। अभियुक्तगण के लिये ........ श्री पी. रविन्दर बाबू, अधिवक्ता। प्रार्थीगण के लिये ............. श्री एम.के. खान, अधिवक्ता
।। निर्णय ।। 
( आज दिनांक 10 फरवरी 2017 को घोषित)

Wednesday, 8 February 2017

छत्तीसगढ़ शासन विरूद्ध शिवप्रसाद धृतलहरे (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)


अभियोजन यह संदेह से प्रमाणित करने में असफल रहा है कि आरोपी शिवप्रसाद धृतलहरे ने दिनांक 03.09.2008 को तथा उसके पूर्व छात्रावास अधीक्षक, अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, सिद्धार्थ चौक, टिकरापारा रायपुर में लोक सेवक के पद पर पदस्थ रहते है, प्रार्थी संजय कुमार बांधे से उसका छात्रावास में चयन करवाने हेतु उससे रूपये 1500/- रिश्वत की मांग की और 600/- रूपये प्राप्त किया, जो वैध पारिश्रमिक से भिन्न था और ऐसा करके आरोपी ने अपने पद का दुरूपयोग कर अपराधिक अवचार/कदाचार किया, इसलिए आरोपी शिवप्रसाद धृतलहरे को धारा 7 एवं 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अपराध से दोषमुक्त किया जाता है।
न्यायालय :- विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) 
एवं प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, रायपुर (छ0ग0) 
(पीठासीन न्यायाधीश - जितेन्द्र कुमार जैन) 
विशेष दाण्डिक प्रकरण क्रमांक- 07/2010 
सी.आई.एस. नंबर करप्शन केस/89/2010 
संस्थित दिनांक-06.09.2010 
छत्तीसगढ़ शासन,
द्वारा-आरक्षी केन्द्र, एंटी करप्‍शन ब्यूरो, रायपुर (छ0ग0)                                   -- अभियोजन
 // वि रू द्ध // 
शिवप्रसाद धृतलहरे उम्र 61 वर्ष
पिता स्व0 श्री जुड़ावन धृतलहरे
पेशा छात्रावास अधीक्षक, मूल पद शिक्षक
 साकिन-ग्राम व पोस्ट अमेरा, थाना पलारी,
जिला बलौदाबाजार (छ0ग0)                                                                               -- आरोपी
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अभियोजन व्दारा श्री योगेन्द्र ताम्रकार विशेष लोक अभियोजक। 
आरोपी व्दारा श्री एस0के0फरहान अधिवक्ता ।
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// निर्णय // 
( आज दिनांक-31, माह-जनवरी, सन् 2017 ई0 को घोषित )

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