Friday, 20 March 2015

हेमचंद अग्रवाल विरूद्ध श्रीमती नर्मदा बेन

व्यवहार वाद क्रमांक-12बी/2013 
वादी का यह अभिवचन है कि प्रतिवादीगण के पति व पिता स्व. डी.एचसोलंकी का वादी के साथ घरू एवं करीबी संबंध रहा है। जिसके कारण प्रतिवादी के संबंध भी मधुर रहे हैं। मृतक डी.एच.सोलंकी पोस्ट ऑफिस के अभिकर्ता भी थे। वादी ने मृतक से पोस्ट ऑफिस में रकम मृतक के माध्यम से जमा करवाते थे एवं म्याद अवधि पर निकलवाने का कार्य भी मृतक से करवाते रहे हैं। उक्त संव्यवहार प्रतिवादी क्र.-01 के साथ भी वादी ने किया है, जिसके कारण उन्हें भी मृतक के कार्यकलापों की पूर्ण जानकारी है। मृतक श्री डी.एच. का जो भी लेनदेन हुआ है, उसकी जानकारी है कि घरू आवश्यकता पड़ने पर मृतक वादी से ही रकम की पूर्ति किया करते थे। मृतक ने उक्त संव्यवहार के कारण दिनांक 05/10/01 को वादी के पक्ष में रकम वापस करने की मंशा रखते हुए एक चेक क्र.-061799 ट्राईजक्शन भिलाई का वादी को दिये थे। वादी के द्वारा रकम निकासी हेतु अपने इलाहाबाद बैंक के खाते में चेक को जमा करवाया जहां पर रकम भुगतान योग्य न पाते हुए चेक को वादी को प्रतिवेदन के साथ वापस किया गया।
 


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